3 result(s) for Isolation Poems In Hindi.
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अकेलेपन की छाया
जीने की चाह, फिर भी अकेले,
दिल की गहराइयों में चलती है ये अबेले।
रातों की सन्नाटी में सुनती हूं आहें,
चाँद की चाँदनी में, मेरी हैं यादें न जाने।
हर चेहरे पर हंसी, पर भीतर की ख़ामोशी,
दुनिया से दूर, मैं खुद से हूं परे, ये सच्चाई।
रिश्तों की रेशमी डोरी, फिर भी टूटती जाती,
ख़्वाबों की रंगीनियां, क्या कभी मिलेंगी, कोई बात नहीं।
जीने का उत्साह, मगर तनहाई की परछाई,
इस दिल की धड़कन में, बस यही माया।
आसन लेते हैं हर सुबह एक नई उड़ान,
लेकिन घर लौटते हैं, अकेले ही, फिर से इस सन्नाटे में जान।
सपनों का बंजर मैदान
खामोशी की चादर चढ़े,
सपनों का बंजर मैदान,
उजाड़ हैं अपने अरमान,
चुप हैं घने पेड़, वीरान।
सूरज की किरणें टुटकर,
छुपी हैं धुंध में अदृश्य,
बिखरे हुए ख्वाबों के खंड,
जिनका कोई न दे हल।
हवा की सिसकियों में,
गूंजते हैं अपने दर्द,
कोई थामे ना हाथ मेरा,
इस वीराने में करता हूँ सफर।
दिल की खामोशियों में,
लुटते हैं रंग ख़ुदाई,
जीना है इस बंजर में,
सपनों का एक नया सवेरा लाने को तैयार।
विरान सफर
विरान सी राहों में चलना,
खामोशियों का आलम है,
हर कदम पर सुनाई देती,
खुद से मुलाकात है।
तेरी यादों का साया हूँ,
जग में बस एक परछाई,
खुद को ढूंढने निकला मैं,
आंधियों में खोई जिंदगानी।
गुमशुदा लम्हों की गूंज है,
ख़ामोशियों का आलिंगन,
इक नए सवेरे की तलाश में,
इन विरान राहों का है चक्रव्यूह।
आंसुओं की नदियों में,
छुपी है एक कहानी,
भूल भी जाएं सब कुछ,
फिर भी न मिले जिंदगानी।
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